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Thursday, February 28, 2013

हनुमान चालीसा

                                                          


॥दोहा॥

श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि ।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥

बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन-कुमार ।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार ॥

॥चौपाई॥

Saturday, February 16, 2013

सनातन


 जो सनातन नहीं मिटा.... कंस की ललकार से..

 जो सनातन नहीं मिटा... रावण की हुंकार से...

 जो सनातन नहीं मिटा .. गजनवी की तलवार से...

 जो सनातन नहीं मिटा.... मुगलों के अत्याचार से...

 अरे.... वो सनातन क्या मिटेगा ....

 इन कायरों, भ्रष्टाचारियों की सरकार से...!!

Thursday, October 18, 2012

जब याद गोधरा आता है

जब याद गोधरा आता है आँखों में आँसू आते हैं,
कश्मीरी पंडितों की पीड़ा कुछ हिंदू भूल क्यों जाते हैं।

हर बार विधर्मी शैतानों ने धर्म पर हैं प्रहार किये,
हर बार सहिष्णू बन कर हमने जाने कितने कष्ट सहे।

अब और नहीं चुप रहना है अब और नहीं कुछ सहना है,
जैसा आचरण करेगा जो, वो सूद समेत दे देना है।

क्या भूल गये राजा प्रथ्वी ने गौरी को क्षमा-दान दीया,
और बदले में उसने राजा की आँखों को निकाल लीया।

ये वंश वही है बाबर का जो राम का मंदिर गिरा गया,
और पावन सरयू धरती पर बाबरी के पाप को सजा गया।

अकबर को जो कहते महान क्या उन्हें सत्य का ज्ञान नहीं,
या उनके हृदय में जौहर हुई माताओं के लिए सम्मान नहीं।

औरंगज़ेब की क्रूरता भी क्या याद पुन: दिलवाऊँ मैं,
टूटे जनेऊ और मिटे तिलक के दर्शन पुन: कराऊँ मैं।

तुम भाई कहो उनको लेकिन तुमको वो काफ़िर मानेंगे,
और जन्नत जाने की खातिर वो शीश तुम्हारा उतारेंगे।

धर्मो रक्षति रक्षित: के अर्थ को अब पहचानो तुम,
धर्म बस एक 'सनातन' है, कोई मिथ्या-भ्रम मत पालो तुम।

Wednesday, October 10, 2012

इस मंत्र के द्वारा शिवजी को स्नान समर्पण करना चाहिए



भगवान भोलेनाथ की पूजा के दौरान इस मंत्र के द्वारा शिवजी को स्नान समर्पण करना चाहिए :


ॐ वरुणस्योत्तम्भनमसि वरुणस्य सकम्भ सर्ज्जनीस्थो |

वरुणस्य ऋतसदन्यसि वरुणस्य ऋतसदनमसि वरुणस्य ऋतसदनमासीद् ||

Monday, March 26, 2012

नवदुर्गा रक्षामंत्र

आज से नवरात्र शुरु हो रहे हैं. नवरात्र में माता भगवती का ध्यान और पूजन करने से सभी फल प्राप्त होते हैं. आने वाले नौ दिन हिंदुओं के लिए विशेष महत्व के हैं. नौ दिन तक हिंदू परिवारों में भक्तिमय वातावरण बना  रहेगा. आप भी इस नवरात्र में माता का ध्यान करें और भगवान के चरणों में जाकर शांति प्राप्त करें.

आज नवरात्र के प्रथम दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है. नवरात्र के पावन अवसर पर हम आपके लिए नवदुर्गा का रक्षामंत्र लाए हैं. आप अपने नवरात्र की शुरुआत इस रक्षा मंत्र का पाठ करके करें आपको अवश्य ही मनोवांछित फल मिलेगा.

नवदुर्गा रक्षामंत्र  : 

Thursday, October 6, 2011

जो कुछ भी है तू, बस, तेरी माँ का ही है असर.

हो देवता या हो कोई जन्नत का फ़रिश्ता.

पैदा न कर सकेगा खून-ओ-दूध का रिश्ता .

माँ ! तूने अपने खून से ही दूध बनाकर.

पाला है प्यार से खुद अपना दूध पिलाकर.

तू है कहीं जन्नत में यहाँ मै ज़मीन पर.

फिर भी तू मेरे पास है जैसे मेरे ही घर.

बांहों में यूँ लिपटाके मुझे रात को सोना.

बेशर्त मुहब्बत में हरिक पल ही भिगोना.

हर चीज़ ही पाने को मेरा जिद में वो रोना.

सब कुछ मुझे देने को तेरे चैन का खोना.

हर साँस मेरे दिल को देके जाती है खबर.

जो कुछ भी है तू, बस, तेरी माँ का ही है असर.


BY ज्ञान गुरु  कौशिक 

Wednesday, October 5, 2011

जय श्री राम



राम ही तो करुणा मेँ है शांति मेँ राम है,
राम ही एकता मेँ प्रगति मेँ राम है,
राम तो भक्तोँ के और शत्रु के भी चिँतन मेँ है,
देख तज के पापी रावण राम तेरे मन है,
राम तेरे मन मेँ है राम मेरे मन मेँ हैँ,
राम तो घर घर मेँ है राम हर आंगन मेँ है,
मन से रावण जो निकाले राम उसके मन मेँ है...
सत्य एवं धर्म की विजय पर आप सभी को बधाई