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Saturday, April 19, 2014

मां दुर्गा आराधना मंत्र




रक्षांसि यत्रोग्रविषाश्च नागा यत्रारयो दस्युबलानि यत्र |

दावानलो यत्र तथाब्धिमध्ये तत्र स्थिता त्वं परिपासि विश्वम् ||



विपत्तियों के नाश के लिए मां दुर्गा की वंदना इस मंत्र के द्वारा करना चाहिए :-

Wednesday, October 10, 2012

इस मंत्र के द्वारा शिवजी को स्नान समर्पण करना चाहिए



भगवान भोलेनाथ की पूजा के दौरान इस मंत्र के द्वारा शिवजी को स्नान समर्पण करना चाहिए :


ॐ वरुणस्योत्तम्भनमसि वरुणस्य सकम्भ सर्ज्जनीस्थो |

वरुणस्य ऋतसदन्यसि वरुणस्य ऋतसदनमसि वरुणस्य ऋतसदनमासीद् ||

Friday, September 30, 2011

माँ दुर्गा के विभिन्न मंत्र


  • विविध उपद्रवों से बचने के लिए मां दुर्गा की आराधना इस मंत्र का जाप करते हुए करना चाहिए-


रक्षांसि यत्रोग्रविषाश्च नागा यत्रारयो दस्युबलानि यत्र |

दावानलो यत्र तथाब्धिमध्ये तत्र स्थिता त्वं परिपासि विश्वम् ||

Thursday, September 29, 2011

नवरात्रि में देवी माँ के पूजन में विशेष उपाय

*देवी के पूजन में तिथियों के अनुसार भोग*


अपने मन वांछित फल की प्राप्ति के लिए नवरात्रा में विशेष उपाय :


  1. प्रतिपदा तिथि में भगवती जगदम्बा की गोघृत से पूजा होनी चाहिये! अर्थात षोडशोपचार से पूजन करके नैवेद्य के रूप में उन्हें गाय का घृत अर्पण करना चाहिये एवं फिर ब्राह्मण को दे देना चाहिये! इस से मनुष्य कभी रोगी नहीं होता!
  2. द्वितीया तिथि को पूजन करके भगवती जगदम्बा को चीनी का भोग लगावे और ब्राह्मण को दे दे!
  3. तृतीया के दिन भगवती की पूजा में दूध की प्रधानता होनी चाहिये एवं पूजन के उपरान्त वह दूध ब्राह्मण को देना उच्चित है! यह सम्पूर्ण दुखों से मुक्त होने का एक परम साधन है!