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Saturday, April 19, 2014
Friday, September 30, 2011
माँ दुर्गा के विभिन्न मंत्र
रक्षांसि यत्रोग्रविषाश्च नागा यत्रारयो दस्युबलानि यत्र |
दावानलो यत्र तथाब्धिमध्ये तत्र स्थिता त्वं परिपासि विश्वम् ||
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माँ दुर्गा वंदना भगवती भगवन की भक्ति करो परवान तुम अम्बे कर दो अमर जिसपे हो जाओ मेहरबान तुम काली काल के पंजे से तु...
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कथा आज की नहीं बल्कि पुरानी और इसका उल्लेख पुराणों में है। कथा के अनुसार वैवस्वत मनु के पुत्र थे राजा इल। इल एक बार शिकार खेलने वन में गए। ...
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हे समस्त स्वर की साम्राज्ञी ! हे चिन्मय श्रुति - सिन्धु. . देवि, तुम्हारी , सजल शुभ्रता निर्मित करती इंदु. शुभ्र तुम्हारा वर...
